समय ( ताटंक छंद )
कभी दिखाता सत्य अहिंसा, कभी घाव भी देता है. कभी बाँधता प्रेम पाश में, कभी प्राण हर लेता है, रात दिवस जो चलती रहती, उन सा…
कभी दिखाता सत्य अहिंसा, कभी घाव भी देता है. कभी बाँधता प्रेम पाश में, कभी प्राण हर लेता है, रात दिवस जो चलती रहती, उन सा…